सकारात्मकता और नकारात्मक दोनों प्रकार के विचार

सकारात्मकता और नकारात्मक दोनों प्रकार के विचार

प्रत्येक व्यक्ति के मस्तिष्क सकारात्मक और नकारात्मक दोनों प्रकार के विचार आते रहते यही विचार हमारे जीवन में सकारात्मकता अथवा नकारात्मकता लाते हैं। इसी प्रकार हमारे घर अंदर भी नकारात्मक और सकारात्मक ऊर्जा आना’ जाना लगा रहता है। जब घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है तो घर में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती है। इसके विपरीत नकारात्मक ऊर्जा, का घर में प्रवेश हो जाता है तो अनेक प्रकार आने शुरू हो जाते हैं।

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नकारात्मक ऊर्जा के फलस्वरूप घर वाद- विवाद की स्थिति बनने लगती है। परिवार में परस्पर प्रेम और कमी आने लगती है। के सदस्यों का स्वास्थ्य भी प्रभावित होने है। परिवार आर्थिक तंगी सामना करना पड़ता, नकारात्मक ऊर्जा को सकारात्मक ऊर्जा में बदलने के लिए कुछ उपाय किए जा सकते हैं। जैसे,

  • सर्वप्रथम हमें अपने मस्तिष्क की गंदगी को दूर करना चाहिए।
  • बुरे विचार, अत्यधिक स्वार्थी होना, दूसरे का बुरा चाहना,
  • धर्म से विमुख होना, अशुद्ध आचरण करना और चरित्रहीनता जैसी बुराइयों को मन से निकालना होगा।
  • इसके अतिरिक्त घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बनाए रखने के लिए हमें अपनी आत्मा का निवास अर्थात अपने शरीर तथा घर की शुद्धता पर विशेष ध्यान देना होगा।

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इसके अतिरिक्त घर में पूजा-पाठ का भी विशेष महत्व होता है। जिस घर में ईश्वर की आराधना होती है वहां नकारात्मक शक्तियां जल्दी नहीं आती हैं। भगवान श्रीकृष्ण कहते हैं कि मेरा तेरा, छोटा बड़ा, अपना पराया, मन से मिटा दो। फिर सब तुम्हारा है और तुम सबके हो। ये विचार हमारे मन में सकारात्मकता उत्पन्न करते हैं। यदि हमें अपने जीवन में सुख-समृद्धि चाहिए तो इन नियमों को आत्मसात करना श्रेयस्कर होगा। यह आरंभ में कुछ मुश्किल लग सकता है, परंतु निरंतर अभ्यास और साधना से इसे अवश्य संभव बनाया जा सकता है।

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